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यूपी: बेसिक शिक्षा में खत्म होगी एबीआरसी की व्यवस्था

लखनऊ
विभाग के अंतर्गत जिलों में ब्लॉक स्तर पर बनाई गई (अडिशनल ब्लॉक रिसोर्स कोआर्डिनेटर) की व्यवस्था खत्म की जाएगी। शासन की ओर से मांगी गई सूचनाओं को इकट्टा करने में वह बीएसए की मदद करते थे। यह काम शिक्षक ही करते थे, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती थी। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने एबीआरसी की व्यवस्था खत्म करने और नई नियुक्ति पर रोक लगा दी है।

बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने यह निर्देश जारी किए। न्याय पंचायत पर इस व्यवस्था को खत्म करने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। मंत्री ने कहा कि सभी बीएसए सात दिनों के भीतर जर्जर और ध्वस्त हो चुके स्कूलों की सूची मुख्यालय को उपलब्ध करा दें। इससे उनके ध्वस्तीकरण व पुनर्निर्माण के संदर्भ में फैसला लिया जा सके। जर्जर भवनों के कारण कोई दुर्घटना होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अभियान चला दूर करें शिक्षकों की दिक्कतें
मंत्री ने कहा कि बीएसए शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण अभियान चलाकर करें। उनके प्रार्थनापत्रों का स्वयं संज्ञान लें। महिला शिक्षकों की मैटरनिटी, चाइल्ड केयर लीव का निस्तारण समय से हो। शिक्षकों के अवशेष वेतन भुगतान के मामलों की स्वयं समीक्षा कर उसे समय निस्तारित करें और इसकी रिपोर्ट शासन को भी भेजें। शिक्षकों को उनके रिटायरमेंट के दिन ही उनके सभी देयकों का भुगतान सुनिश्चित हो। अगर कोई अधिकारी लापरवाही करता या जानबूझकर गलती करता मिलेगा तो वह कठोर दंड का भागी होगा।

फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एक महीने करें कार्रवाई
मंत्री ने कहा कि एसआईटी द्वारा चिन्हित 4000 से अधिक फर्जी शिक्षकों के खिलाफ निर्धारित प्रक्रिया अपनाते हुए एक महीने में कार्रवाई करें। जिन मामलों में हाईकोर्ट स्टे हुआ है, वहां पैरवी कर स्टे रद करवाएं। 31 अक्टूबर तक बच्चों को स्वेटर वितरित किए जाने के भी निर्देश दिए। मंत्री ने कहा, जहां यह नहीं होगा वहां के बीएसए की जवाबदेही तय की जाएगी। मंत्री ने कहा कि सभी बीएसए कस्तूरबा विद्यालयों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें और जो भी कमियां हो उसे दूर किया जाए।

‘सहज’ का हुआ लोकार्पण
बच्चे स्थानीय भाषा में बेहतर ढंग विषय को सीख सकें, इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद ने बेसिक स्कूलों की कक्षा 1 और 2 की किताब ‘कलरव’ का क्षेत्रीय भाषाओं अवधी, बुंदेलखंडी, भोजपुरी व ब्रज में अनुवाद कराया है। इसका विमोचन बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार ने किया।

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