Friday , November 22 2019, 3:31 AM
ब्रेकिंग न्यूज
Hindi News / राज्य / राजस्थान / राजस्थान: BSP विधायकों का विलय कर गहलोत और मजबूत, पायलट का घटेगा कद?

राजस्थान: BSP विधायकों का विलय कर गहलोत और मजबूत, पायलट का घटेगा कद?

सीएल मनोज, नई दिल्ली
राजस्थान में जिस तरह एक नाटकीय घटनाक्रम में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के छह विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए, उसे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े राजनैतिक दांव की शुरुआत माना जा सकता है। कांग्रेस के अंदर उनके इस कदम को कैबिनेट और प्रदेश कांग्रेस कमिटी (पीसीसी) में फेरबदल की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव होने हैं। ऐसे में सीएम गहलोत राजनीतिक और सामाजिक संतुलन साधने के लिए कांग्रेस आलाकमान से बदलाव की गुजारिश कर सकते हैं।

गहलोत करेंगे नए पीसीसी चीफ की मांग?
कांग्रेस के अंदर इस बात को लेकर काफी सस्पेंस है कि क्या गहलोत एक नए पीसीसी अध्यक्ष और दूसरे डेप्युटी सीएम की मांग कर सकते हैं। वर्तमान में गहलोत के मुख्य प्रतिद्वंद्वी और डेप्युटी सीएम के पास पीसीसी चीफ का पद है। पायलट अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले हैं और निकाय चुनाव को देखते हुए कुछ कांग्रेस नेता फुलटाइम पीसीसी चीफ चाहते हैं। हालांकि पायलट को भरोसा है कि दोनों पद उनके पास बरकरार रहेंगे।

पढ़ें:

एक व्यक्ति, एक पद का मुद्दा चर्चा में
छत्तीसगढ़ में सीएम बनने के बाद भूपेश बघेल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था। इसी तरह मध्य प्रदेश में सीएम कमलनाथ भी अध्यक्ष पद छोड़ना चाहते हैं। एक व्यक्ति, एक पद का मुद्दा राजस्थान कांग्रेस में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि क्या पायलट भी अब पीसीसी अध्यक्ष का पद त्याग देंगे।

दूसरी जातियों को नुमाइंदगी की मांग
राज्य में दो सर्वोच्च पदों पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से आने वाले नेता काबिज हैं। सीएम गहलोत माली, जबकि पायलट समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के अंदरखाने अब दूसरी जातियों जैसे ब्राह्मण, जाट, दलित और मीणा को जरूरी राजनैतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग उठ रही है। हमारे सहयोगी इकनॉमिक टाइम्स से बातचीत में सीएम गहलोत ने कहा कि बीएसपी विधायकों के विलय की वजह से कांग्रेस सरकार के पास स्पष्ट बहुमत हो गया है। लेकिन इसका संबंध किसी फेरबदल से नहीं है।

पढ़ें:

माया नहीं बीजेपी को झटका: गहलोत
गहलोत ने कहा, ‘मैं भाग्यशाली हूं कि बीजेपी की कोशिशों के बावजूद राजस्थान में कोई खरीद-फरोख्त नहीं हो पाई। सभी छह बीएसपी विधायक कांग्रेस में बिना शर्त शामिल हुए हैं और वे राजस्थान में राजनैतिक स्थायित्व सुनिश्चित करना चाहते थे।’

कांग्रेस में अपनी पार्टी के विधायकों के विलय पर बीएसपी अध्यक्ष के तीखे हमले को लेकर गहलोत ने कहा, ‘बीएसपी विधायकों का विलय मायावतीजी नहीं बल्कि बीजेपी को झटका देने के लिए हुआ, क्योंकि बीजेपी कांग्रेस सरकारों को अस्थिर करने की साजिश रच रही है। जब भी राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की बात आती है पहले राहुलजी और अब सोनियाजी के नेतृत्व में कांग्रेस ने हमेशा मायावतीजी का बहुत सम्मान किया है।’

गहलोत ने एक तीर से साधे तीन निशाने
कुछ सियासी विश्लेषकों का कहना है कि विलय के मास्टरस्ट्रोक के जरिए गहलोत ने एक तीर से तीन निशाने लगाए हैं। पहला सरकार के स्थायित्व में मजबूती (12 निर्दलीय विधायकों का भी गहलोत सरकार को समर्थन), दूसरा बीजेपी की सरकार गिराने की कथित कोशिशों को झटका और तीसरा पार्टी के अंदर अपने आलोचकों को शांत करना। गहलोत के सियासी साथी और दुश्मन दोनों अब उनके अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।

Check Also

पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों का नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक जागरूक व्यक्ति का दायित्व है : गोयल

जयपुर, 16 नवम्बर (भाषा) उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *