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लड़की बन करते थे दोस्ती, मदद के बहाने ऐंठते थे रुपये, 100 से ज्यादा शिकार

लखनऊफेसबुक पर महिलाओं और पुरुषों की बनाकर लोगों से ठगी करने वाले को की टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। नाइजीरियन ने लखनऊ में बाजारखाला के कारोबारी समेत कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। शनिवार को उसे लखनऊ की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि गिरफ्तार नाइजीरियन की शिनाख्त ओलिवर उजोमा उगोछू क्वाउ के रूप में हुई है। वह मूलरूप से नाइजीरिया के ऑवेरी इमो स्टेट का रहने वाला है। दिल्ली में टिग्री के देवली एक्सटेंशन में रह रहा था। वर्ष 2012 में यह दिल्ली आया था और मेघालय की शायटामेरी लिंगदोहलिंगखोई नामक महिला से शादी कर ली थी। यह पत्नी के साथ मिलकर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। इसके ग्रुप में कुछ और नाइजीरियन व भारतीय जुड़े हुए हैं। इन लोगों ने लखनऊ में बाजारखाला के पुराना हैदरगंज निवासी रमेश चंद्र शुक्ल को भी अपना निशाना बनाया था।

फेसबुक पर फेक आईडी और खेल
ओलिवर ने फेसबुक पर जूलियाना गोम्स के नाम से फेक आईडी बनाई। रामचंद्र शुक्ल ओलिवर के झांसे में आ गया और उसने जूलियाना से चैटिंग शुरू कर दी। जूलियाना ने खुद को जूलरी शोरूम की मालकिन बताते हुए रामचंद्र से कहा कि वह भारत आ रही है। कुछ दिन बाद उसने रामचंद्र को फोन किया और कहा कि वह उसके लिए गिफ्ट लाई थी, लेकिन उसे एयरपोर्ट पर कस्टम अफसर ने पकड़ लिया है। कस्टम अफसर द्वारा बताई गई कुछ औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए 68 हजार रुपये जमा करवाने होंगे।

…और यूं फंस गए जाल में
रामचंद्र महंगे गिफ्ट के झांसे में आ गया और उसने महिला द्वारा बताई गई रकम बैंक खाते में जमा करवा दी। इसके बाद जूलियाना ने एएनबी मनी लॉन्ड्रिंग की बात कहकर रामचंद्र से एक लाख 85 हजार रुपये और जमा करवा लिए। जूलियाना ने उसे फिर झांसा देते हुए छह लाख रुपये और जमा करने को कहा तो रामचंद्र को शक हुआ। उसने रकम नहीं जमा करवाई और 12 जून को बाजार खाला थाने में केस दर्ज करवाया, जिसके बाद एसटीएफ ने मामले की पड़ताल शुरू की।

100 से ज्यादा लोगों को बनाया शिकारओलिवर के पास से एक लैपटॉप, नाइजीरिया का पासपोर्ट आठ मोबाइल फोन सिम कार्ड के साथ, एक डोंगल, तीन एटीएम कार्ड, दो पेन ड्राइव और दो ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुए हैं। उसके लैपटॉप व मोबाइल फोन का फरेंसिक जांच के जरिए डेटा खंगाला जा रहा है। ओलिवर के मोबाइल फोन और लैपटॉप पर हुई चैट के आधार पर एसटीएफ की पड़ताल में 100 से ज्यादा लोगों के ठगी का शिकार होने की बात सामने आई है। ओलिवर महिला शिकार से पुरुष बनकर और पुरुषों से महिला बनकर बात करता था। उसकी पत्नी कस्टम अफसर बनकर लोगों से बात करती थी।

रुपये जमा करवाने के लिए गरीबों के बैंक खातों का इस्तेमाल
ओलिवर भारतीय संपर्कों के जरिए गरीब और मजदूरों के बैंक खातों को दो से चार हजार रुपये में किराए पर लेता था। इस दौरान उस खाताधारक का एटीएम कार्ड, चेकबुक व पॉसबुक ओलिवर के पास ही रहती थी। पैसा ट्रांसफर होते ही खातों से रकम निकालकर विदेशों खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। फिलहाल पुलिस ओलिवर के बैंक खातों को सीज करवाकर उनकी डीटेल निकलवा रही है।

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