ब्रेकिंग न्यूज
loading...
Hindi News / राज्य / हरियाणा / सर्विस स्टेशन में पानी भरने से कार हुई थी खराब उपभोक्ता फोरम ने क्लेम राशि देने का दिया आदेश

सर्विस स्टेशन में पानी भरने से कार हुई थी खराब उपभोक्ता फोरम ने क्लेम राशि देने का दिया आदेश




वर्कशॉप व शोरूम मालिक ने बिना बताए Rs.98 हजार इंश्योरेंस क्लेम लेकर गाड़ी ठीक कर दी

उपभोक्ता मांग रहा था नई कार, इसलिए कोर्ट में डाला केस

भास्कर न्यूज | यमुनानगर

न्यू जैन नगर के रहने वाले वरुण मित्तल ने अपनी डस्टर कार ठीक कराने के लिए कंपनी के अधिकृत सर्विस स्टेशन पर दी। इसी दौरान तेज बरसात होने से सर्विस स्टेशन में पानी भर गया। इसमें वरुण की डस्टर कार की हालत खराब हो गई। उसके कई पार्ट्स बुरी तरह से खराब हो गए। उसने इसे रिपेयर के स्थान पर बदलने की मांग की, लेकिन वर्कशॉप मालिक ने कार फ्री ऑफ कोस्ट रिपेयर करने का वादा किया। इस पर वरुण ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली। फोरम के चेयरमैन गुलाब सिंह, सदस्य डॉ. जवाहर लाल गुप्ता व गीता प्रकाश ने मामले की सुनवाई की। उन्होंने पाया की वर्कशॉप व शोरूम मालिक द्वारा ग्राहक से इंश्योरेंस कंपनी से लिए गए क्लेम की राशि छुपाई गई है। इस पर उन्हें को 98682 रुपए क्लेम राशि व दस हजार रुपए जुर्माना के रूप में जमा कराने का फैसला सुनाया गया।

वरुण ने जो अपना पक्ष रखा: वरुण ने बताया कि उसने डस्टर कार जुलाई 2017 में रिपेयर के लिए अधिकृत वर्कशॉप में दी थी। यह सुधार के बाद 15 जुलाई को मिलनी थी, लेकिन इसी दौरान वर्कशॉप में बरसात का पानी भर जाने से उसकी कार खराब हो गई। उसके कई पार्ट काम नहीं कर रहे थे। यह सब वर्कशॉप मालिकों की लापरवाही से हुआ है। इसलिए उसे नई कार दी जाए।

इन्हें बनाया गया पार्टी, ये रखा संबंधित ने पक्ष: वरुण ने अपने आवेदन में इस मामले में असीम ऑटो कोर्ट रोड, रिनोल्ट सर्विस स्टेशन बुड़िया चुंगी, रिनोल्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई व यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस को पार्टी बनाया। इसमें रिनोल्ट इंडिया ने कहा कि यह मामला सर्विस स्टेशन व ग्राहक के बीच का है। इसमें उनका कोई मामला नहीं बनता। वहीं इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि ने कागजात प्रस्तुत कर कहा कि वे वर्कशॉप को बीमा क्लेम की राशि दे चुके हैं। इस पर इन दोनों को फोरम ने राहत दी। वहीं असीम मोटर व रिनोल्ट सर्विस स्टेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह सर्विस में लैप्स का मामला नहीं है। यह प्राकृतिक आपदा है। फिर भी ग्राहक से कार की मरम्मत का कोई खर्च नहीं लिया गया है। इसलिए अब कोई मामला नहीं रह गया।

फोरम ने इन बातों पर गौर कर सुनाया फैसला

इस पर फोरम की ओर से लोकल कमिश्नर की नियुक्त की गई। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में गाड़ी में नौ खामियां गिनाईं। इस रिपोर्ट पर गौर करने के बाद फोरम ने कहा कि शिकायत कर्ता वरुण का नई कार का दावा सही नहीं है। क्योंकि कार पहले से खराब थी, इसीलिए वर्कशॉप में डेंटिंग व पेटिंग के लिए आई थी। वहीं वर्कशॉप व डीलर की सेवा में लैप्स माना। इस पर ग्राहक से सर्विस का कोई चार्ज न लेने (जो पहले ही वर्कशॉप माफ करने की बात कह चुका था), बीमा कंपनी से लिए कार के क्लेम के 98982 रुपए ग्राहक वरुण को अदा करने, दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया। तीन हजार रुपए लिटीगेशन कोस्ट के देने के आदेश दिए। जुर्माने में से पांच हजार रुपए की राशि कंज्यूमर लीगल एड के कार्यों के लिए रहेगी। साथ ही तय समय में भुगतान न करने पर दोनों प्रेमाइसिस अटैच करने की भी बात कही।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

Check Also

कर्मचारी संघ पर दिया विजय का बयान हताशा को दिखाता है

यमुनानगर। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान महिपाल सौदे और सचिव राजपाल सांगवान ने कहा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *