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सूडा निदेशक की पत्नी की मौत का मामला, फिंगर प्रिंट मिलान से पुलिस खोलेगी राज!

लखनऊविकल्पखंड निवासी सूडा निदेशक आईएएस उमेश प्रताप सिंह के खिलाफ पत्नी अनीता की हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद रविवार को फरेंसिक टीम ने रीकंस्ट्रक्शन किया। छानबीन के साथ ही फरेंसिक विशेषज्ञों ने पिस्टल पर मौजूद फिंगर प्रिंट का मिलान अनीता के साथ ही परिवार के अन्य लोगों से करवाने को कहा। अनीता के फिंगर प्रिंट से मिलान के लिए आधार की मदद ली जाएगी।

चिनहट के विकल्पखंड निवासी आईएएस उमेश प्रताप सिंह के परिवार में बेटा आशुतोष और बेटी उपासना है। 1 सितंबर की दोपहर करीब 2:30 बजे उनकी पत्नी अनीता सिंह की बेडरूम के अंदर संदिग्ध हालात में गोली लगने से मौत हो गई थी। घटना के समय उमेश घर पर ही थे। इस मामले में पुलिस ने रविवार दोपहर करीब 12:10 बजे से सूडा निदेशक के घर पर फरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से क्राइम सीन का रीकंस्ट्रक्शन किया।

करीब 2:15 बजे तक टीम ने सूडा निदेशक, बेटे व नौकरों को उन्हीं कमरों में भेजा, जिसमें वे घटना के समय थे। इसके बाद फर्स्ट फ्लोर पर अनीता के बेडरूम में एक व्यक्ति को सोफे पर बैठाया गया। फरेंसिक टीम ने देखा कि गोली चलने की आवाज के बाद सूडा निदेशक कितनी देर में बेडरूम पहुंचे। दरवाजा तोड़ने में कितनी देर लगी। बेटा कितनी देर में कमरे से निकला। फरेंसिक टीम ने यह भी पता लगाने का प्रयास किया कि अनीता ने गोली खुद मारी या किसी अन्य ने। गोली सटा कर मारी गई या दूर से? सिर के पिछले हिस्से पर 3 सेमी गुणा 3 सेमी की चोट कैसे आई, घटना के बाद अनीता को कमरे से निकाल कर घर के बाहर कार तक ले जाने में कितना समय लगा, जैसे कई बिंदुओं पर छानबीन की गई। टीम ने आत्महत्या और हत्या दोनों बिन्दुओं पर छानबीन की।

इस बात पर भी फोकस किया गया कि कहीं किसी विवाद के दौरान हुई छीना-झपटी में तो गोली नहीं चली। इसके साथ ही उमेश और उनके बेटे से पूछताछ भी हुई। फरेंसिक टीम ने रीकंस्ट्रक्शन के बाद घटना में प्रयोग की गई पिस्टल पर मौजूद फिंगर प्रिंट की सही से जांच करवाने की बात कही। इसके लिए अनीता के फिंगर प्रिंट भी चाहिए होंगे। फरेंसिक टीम ने पुलिस को सलाह दी है कि अनीता के फिंगर प्रिंट डेटा लेने के लिए यूआईडीएआई(आधार) से मदद ली जा सकती है। इसके साथ ही घटना के दिन घर में मौजूद सभी सदस्यों के फिंगर प्रिंट भी लिए जाएंगे।

घर के बाहर और अंदर की ली गईं फोटो
फरेंसिक टीम ने घर के बाहर और अंदर की कई फोटो भी लीं। इसके अलावा रीकंस्ट्रक्शन की रेकॉर्डिंग भी करवाई। टीम ने यह भी देख कि सूडा निदेशक के घर के अंदर बगल में मौजूद अपार्टमेंट से कोई आ सकता है या नहीं। फरेंसिक टीम के मुताबिक परिवारीजनों के बयानों, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, रीकंस्ट्रक्शन में सामने आए फैक्ट और फरेंसिक रिपोर्ट में सामने आए फैक्ट का मिलान किया जाएगा। इसके बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा।

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