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सोनभद्र में कांग्रेसियों की 1 लाख बीघा जमीन आदिवासियों को देंगे: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ/नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने लगभग अपना आधा कार्यकाल पूरा कर लिया है। ऐसे में सरकार के कामकाज को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। खासकर सोनभद्र हत्याकांड के बाद योगी सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है। हमारे सहयोगी
कुमार अंशुमान और संजय सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ से प्रदेश के हालात, एनआरसी, सोनभद्र कांड और प्रदेश की जेल में जम्मू-कश्मीर के कैदियों को लाए जाने सहित कई मसलों पर बात की। पढ़ें, इस इंटरव्यू के प्रमुख अंशः

सवाल: आप सभी मंत्रियों को शासन प्रशिक्षण के लिए आईआईएम लखनऊ ले गए। इसका परिणाम क्या है?

जवाब: यह एक क्लास की गतिविधि नहीं, बल्कि एक समूह चर्चा थी, जिसमें मेरे सहित सभी मंत्रियों ने भाग लिया। परिणाम बहुत उत्साहजनक हैं और हम आने वाले दिनों में IIM के साथ दो और सत्र करेंगे। मैंने अपने कैबिनेट में फेरबदल के साथ ही IIM से इस बारे में बातचीत शुरू की थी। सारे मंत्री मेरे घर पहुंचे और यहां से यूपी राज्य परिवहन बसों में हम IIM परिसर तक साथ गए। बहुत ही अच्छा अनुभव था।

सवाल: पहली मुलाकात के बाद कोई बड़ा विचार?

जवाब: हमारा सबसे बड़ा संसाधन हमारी आबादी है, जो खुद एक बड़ा बाजार है। पिछली सरकारों ने कानून-व्यवस्था पर नकारात्मक धारणा बनाई थी। हमने पिछले ढाई वर्षों में इसे बदलने की कोशिश की है। आज, स्थानीय और वैश्विक निवेशक यूपी में निवेश करने के इच्छुक हैं। हमारी भूमि सबसे उपजाऊ है और हम कृषि-निर्यात और खाद्य प्रसंस्करण में जबरदस्त काम कर सकते हैं। बुनियादी ढांचे के संदर्भ में, हम सड़क और हवाई संपर्क में सुधार कर रहे हैं। दो फ्रेट कॉरिडोर- दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर- यूपी से होकर गुजर रहे हैं। हम तीन नए एक्सप्रेस वे- पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा के माध्यम से अपनी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। ये सभी आने वाले दिनों में यूपी की अर्थव्यवस्था को एक बड़ा बढ़ावा देंगे।

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सवाल: डिफेंस कॉरिडोर की स्थिति क्या है?

जवाब: हमें इस परियोजना को लेकर बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। मैंने अगले साल फरवरी में लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम पर एक बैठक आयोजित की। एक्सपो में 100 से अधिक घरेलू और वैश्विक कंपनियां भाग लेंगी। हम डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण के जरिए निवेशकों को आकर्षित करेंगे। हमने पहले ही 3,000 एकड़ का लैंड बैंक बनाया है और हम अगले साल फरवरी तक 2000 एकड़ जमीन को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। डिफेंस एक्सपो भी कुंभ की तरह होगा। हमने प्रदर्शनी के लिए लखनऊ के बाहर 300 एकड़ जमीन चिन्हित की है।

सवाल: लेकिन विपक्ष कानून-व्यवस्था को लेकर आपकी सरकार पर निशाना साधता रहता है?

जवाब: विपक्ष सरकार को निशाना बनाने के लिए मुद्दों को खोजने में असमर्थ है। हमने अपना आधा कार्यकाल पूरा कर लिया है और यूपी में कहीं भी एक भी दंगा नहीं हुआ है। सभी त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाए गए हैं। अगर विपक्ष शिकायत कर रहा है, तो मेरे लिए इसका मतलब है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमने राज्य में अपराध को न्यूनतम स्तर पर ला दिया है।

सवाल: सोनभद्र हत्याओं पर प्रियंका गांधी के आरोपों पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?

जवाब: जब हमने 1952 के पत्रों की जांच की, तो हमने पाया कि उम्भा में विवादित जमीन बिहार के एक कांग्रेसी नेता के नाम पर थी। उन्होंने एक सोसायटी बनाई और 1952, से 1955 के बीच सोसायटी के लिए 1,400 बीघा जमीन ट्रांसफर की। 1989 में उन्होंने अपने नाम पर जमीन ट्रांसफर की। 1955 से लेकर 1989 तक कांग्रेस सत्ता में थी। 2017 में, उन्होंने इस जमीन को गांव के प्रधान को बेच दिया। वह पिछले दो वर्षों से जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा था, जिसके कारण वहां विवाद था।

सवाल: तो, अब सरकार की कार्ययोजना क्या है?

जवाब: हम अकेले सोनभद्र में एक लाख बीघा जमीन खाली करने जा रहे हैं और इसका अधिकांश हिस्सा कांग्रेस नेताओं के कब्जे में है। जब जमींदारी समाप्त हो गई, तो कई कांग्रेस नेताओं ने सोसायटीज बनाईं और बड़े स्तर पर जमीनों का ट्रांसफर कर लिया। हमनें इस तरह के मामलों को देखने के लिए एक कमिटी बनाई है। तीन महीने में कमिटी की रिपोर्ट आने दीजिए, इन सभी कांग्रेस नेताओं को बेनकाब कर दिया जाएगा। मिर्जापुर में एक कांग्रेस नेता के पास एक फर्जी सोसायटी के नाम पर 6,000 एकड़ जमीन है। 1972-73 में पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा द्वारा बनाई गई एक कमिटी थी।

कमिटी को एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया था, खासकर विंध्य क्षेत्र में, उन्होंने 1973 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। हमें रिपोर्ट मिल गई है और अब उस पर पूछताछ हो रही है। एक लाख बीघा जमीन जो खाली होने वाली है, वह आदिवासियों, वन विभाग और ग्राम सभाओं की है। मैं बरामद की गई जमीन (वन) विभाग को वापस कर दूंगा। मैं आदिवासियों को ग्राम सभा की जमीन देने की योजना बना रहा हूं। मैं इसी महीने उम्भा जा रहा हूं। हमारा प्रयास होगा कि ऐसी जमीनों को जब्त किया जाए जो बड़े पैमाने पर छह जिलों में फैली हुई हैं, क्योंकि अवैध सोसायटी ज्यादातर कांग्रेस नेताओं द्वारा ही बनाई गई है। ये जमीनें नियमानुसार आदिवासियों में बांटी जाएंगी।

सवाल: आजम खान को निशाना बनाने के लिए समाजवादी पार्टी यूपी सरकार पर आरोप क्यों लगा रही है?

जवाब: पूर्व सीएम के रूप में अखिलेश यादव को राज्य में कहीं भी जाने का पूरा अधिकार है। लेकिन सरकार किसी को भी मोहर्रम या किसी त्योहार के दौरान समस्या पैदा नहीं करने देगी। सरकार कानून के तहत जो भी संभव होगा वह करेगी। कोई भी पिछले दो-ढाई साल में एक भी मामला नहीं दिखा सकता है, जहां हमने किसी के खिलाफ कानून का पालन किए बिना ही कार्रवाई की हो। (अखिलेश सोमवार को रामपुर जाने वाले थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया। अब वह 13-14 सितंबर को रामपुर जाएंगे।)

सवाल: महिला सुरक्षा को लेकर सरकार को दोषी ठहराया जा रहा है।

जवाब: हमारे पास महिला सुरक्षा पर एक सिद्ध ट्रैक रेकॉर्ड है। औरैया में हमने 29 दिनों के भीतर एक मामले में आरोप तय करके ट्रायल पूरा किया और दोषी को सजा सुनाई गई। हर जिले में एक निगरानी समिति होती है जिसमें जिला न्यायाधीश, जिला मैजिस्ट्रेट और एसपी शामिल होते हैं। समिति हर महीने बैठक करती है। इस तरह के मुद्दे समय पर न्याय और लोगों में जागरूकता से ही हल किए जा सकते हैं।

सवाल: आपने ओबीसी आरक्षण की सब कैटेगरीज को देखने के लिए एक समिति भी बनाई थी। उसका क्या हुआ?

जवाब: पहले समिति ने रिपोर्ट बनाने में देरी की और फिर आधी-अधूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की। अब एक उच्च-स्तरीय समिति इस मुद्दे को देख रही है और वह अपनी रिपोर्ट देगी। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सवाल: क्या आपको लगता है कि यूपी को भी NRC की जरूरत है?

जवाब: एनआरसी देश के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है, खासकर आंतरिक सुरक्षा के लिए। यह अच्छा होगा यदि इसे देश के अन्य हिस्सों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सके।

सवाल: आर्टिकल 370 हटाने के बाद कश्मीर के कई राजनीतिक कैदियों को यूपी की जेल में डाल दिया गया?

जवाब: आर्टिकल 370 को हटाना श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सरदार पटेल और बाबा साहेब आंबेडकर को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। यह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। यूपी के जेलों में कैदियों को लाया जाना एक सामान्य प्रक्रिया है और यह सुरक्षा पहलू को ध्यान में रखते हुए किया जाता है।

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