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स्टॉक मार्केट में मीठी हुई चीनी, शुगर शेयर कर रहे बेहतर प्रदर्शन

भव्या दिलीपकुमार, मुंबई
शुगर मिल चलाने वाली कंपनियों के शेयर पिछले एक महीने से शेयर बाजार में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। बाजार एक्सपोर्ट सब्सिडी के साथ एथनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने के सरकार के फैसले से इंडस्ट्री की स्थिति में सुधार आने की उम्मीद कर रहा है। ऐनालिस्टों का कहना है कि सरकार के इन दोनों कदमों से चीनी मिलों के स्टॉक में कमी आएगी जो एक दशक के सबसे ऊपरी स्तर पर है।

उनका यह भी मानना है कि में हाल-फिलहाल बढ़ोतरी होने की संभावना नजर नहीं आ रही है। ऐसे में सरकार की पॉलिसी में बदलाव होने पर इन शेयरों के दाम में तेज उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है।

धरणी शुगर ऐंड केमिकल्स का शेयर पिछले एक महीने में 66 पर्सेंट चढ़ा है जबकि बलरामपुर चीनी में 35% की मजबूती आई है। धामपुर शुगर और बजाज हिंदुस्थान के शेयरों के दाम में 33-33 पर्सेंट की उछाल आई है। जहां तब व्यापक मार्केट इंडेक्स की बात है तो बीएसई मिड कैप और स्मॉल कैप में 23 अगस्त को बने 52 वीक लो से 6-8 पर्सेंट का सुधार हुआ है। सरकार ने पिछले महीने के अंतिम दिनों में अधिकतम 60 लाख टन चीनी के एक्सपोर्ट के लिए सब्सिडी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

सरकार ने 2020 तक फ्यूल में एथनॉल ब्लेंडिंग का लेवल बढ़ाकर 10% तक करने का जो कदम उठाया है उससे शुगर कंपनियों को फायदा होगा। एथनॉल की डिमांड बढ़ने से शुगर कंपनियों को शुगर प्रॉडक्शन का एक हिस्सा इसमें डायवर्ट करने को बढ़ावा मिलेगा। दोनों कदमों से रेकॉर्ड प्रॉडक्शन के चलते इंडस्ट्री को हुई समस्याएं दूर करने में मदद मिल सकती है। इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि ज्यादातर शुगर कंपनियों के पास पिछले साल सितंबर में लगभग 3.3 करोड़ टन का स्टॉक था, जिसमें इस साल सिर्फ 1.4 करोड़ टन की कमी आई थी।

इंडियन शुगर मिल्स असोसिएशन (ISMA) के डायरेक्टर जनरल अविनाश वर्मा ने कहा, ‘अगले साल शुगर प्रॉडक्शन में 50 लाख टन की कमी आ सकती है। महाराष्ट्र में सूखा पड़ने, कुछ इलाकों में पानी कमी तो दूसरे इलाकों में बाढ़ आने की वजह से उत्पादन में तेज गिरावट आ सकती है।’ सरकार की तरफ से एक्सपोर्ट पॉलिसी प्रोग्राम की शुरुआत किए जाने से शुगर इंडस्ट्री को इन्वेंटरी लेवल घटाने और विदेश में ज्यादा कमाई करने में मदद मिली है।

रेणुका शुगर्स के सीईओ अतुल चतुर्वेदी ने कहा, ‘एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के अलावा सरकार ने इस साल के लिए फेयर ऐंड रिम्यूनरेटिव प्राइस (FRP) में कोई कमी नहीं की है। इससे शुगर इंडस्ट्री को प्रॉफिट बचाए रखने में मदद मिली है।’ डोमेस्टिक शुगर इंडस्ट्री का आउटलुक बेहतर होने से इनवेस्टर्स को बुरी तरह पिटे कुछ शुगर स्टॉक पर दाव लगाने को बढ़ावा मिला है। मिसाल के लिए बलरामपुर चीनी का शेयर तीन महीने के हाई पर पहुंच गया है।

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