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IIT दिल्ली में अब 500 से ज्यादा स्टूडेंट्स रहेंगे कैंपस के बाहर

नई दिल्ली ने इस साल 500 से ज्यादा स्टूडेंट्स के रहने की व्यवस्था के लिए कैंपस से बाहर जाना पड़ा है। इंस्टिट्यूट में इस साल स्टूडेंट्स बढ़ने से हॉस्टल सीट की कमी भी बढ़ गई है। आईआईटी ने अपने स्टूडेंटस के रहने की अच्छी व्यवस्था के लिए ओयो लाइफ- सर्विस प्रोवाइडर के जरिए स्पेस ढ़ूंढी है। हॉस्टल की कमी की वजह से इंस्टिट्यूट कैंपस से बाहर स्टूडेंट्स के लिए रहने की व्यवस्था करने को मजबूर है। इस साल कैंपस में लड़कियों के अतिरिक्त कोटा और ईडब्ल्यूएस कोटा की वजह से स्टूडेंट्स की तादाद बढ़ी है।

इन ऑफ कैंपस हॉस्टल में ज्यादातर आईआईटी के एमटेक और पीएचडी स्टूडेंट्स रह रहे हैं। यह बिल्डिंग आईआईटी के आसपास साउथ दिल्ली में ही हैं। अंडरग्रैजुएट के स्टूडेंट्स कैंपस के हॉस्टल में हैं। आईआईटी दिल्ली में बाहर से आने वाले स्टूडेंट्स भी अच्छी खासी तादाद में हैं। साथ ही, इस बार लड़कियों की संख्या और ईडब्ल्यूएस कोटे की सीटें भी बढ़ी हैं। इंस्टिट्यूट में 14 हॉस्टल हैं मगर इस साल से 600 सीटों की कमी है।

आईआईटी के डीन- स्टूडेंट्स अफेयर्स प्रफेसर राजेश खन्ना ने बताया कि नए सेशन से हमने बड़े लेवल पर शुरू किया है। 500 से ज्यादा स्टूडेंट्स के लिए एक सर्विस प्रोवाइडर की मदद से हमने व्यवस्था की है। हम पीजी, होटल नहीं बल्कि बिल्डिंग्स को लेकर उसे हॉस्टल की तरह बनाया जाता है। बिल्डिंग हमने सर्विस प्रोवाइडर के जरिए ली है और उसी के जरिए यह प्राइवेट हॉस्टल चलते हैं। स्टूडेंट्स को कैंपस के हॉस्टल वाले स्टूडेंट्स की तरह हॉस्टल फीस देनी होती है। इससे एक्स्ट्रा आईआईटी पे करता है। फीस हर सेमेस्टर की 5 हजार रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक की है। यह कोर्स और हॉस्टल सुविधा पर निर्भर करती है।

पिछले साल आईआईटी ने किसी दूसरी सर्विस प्रोवाइडर कोहो के साथ इसके शुरुआत की थी मगर छोटे लेवल पर। इस बार इंस्टिट्यूट ने कई स्टूडेंट्स को यह सुविधा दी है। आईआईटी में 14 हॉस्टल हैं, जिनमें 11 बॉयज हैं। मगर इसके बावजूद सीट की कमी है। ऑफ कैंपस हॉस्टल में आईआईटी के एमटेक और पीएचडी स्टूडेंट्स रह रहे हैं। आईआईटी के एक अधिकारी बताते हैं, इंस्टिट्यूट के कैंपस में और हॉस्टल की जगह नहीं है क्योंकि दिल्ली का कैंपस करीब 320 एकड़ में ही है। साथ ही, एयरपोर्ट नजदीक होने की वजह से ऊंची बिल्डिंग भी नहीं बनाई जा सकती।

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